“शूरसैनी” परंपरा / सैनी समाज का इतिहास?
सैनी समाज में “शूरसैनी” शब्द का प्रयोग एक ऐतिहासिक-सामुदायिक पहचान के रूप में भी किया जाता है। इस परंपरा में शूरसेन जनपद, मथुरा, यमुना और कृष्ण से संबंधित प्राचीन परंपराओं को सैनी इतिहास से जोड़ा जाता है।
कुछ सामुदायिक इतिहास-लेखों में यह दावा किया गया है कि शूरसेन/यदुवंशी शाखाओं के कुछ समूह पश्चिम की ओर पंजाब और वर्तमान पाकिस्तान-अफगानिस्तान के क्षेत्रों तक पहुँचे और बाद में वहाँ विभिन्न समुदायों की स्थापना हुई।

